Jan Aadhaar Card 2026: बनवाना, ई-कार्ड डाउनलोड, सुधार के नए नियम और शुल्क — पूरी गाइड
अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
Jan Aadhaar Card राजस्थान सरकार का परिवार पहचान पत्र है, जिसके बिना आज राज्य की लगभग कोई भी योजना, छात्रवृत्ति, पेंशन या राशन का लाभ नहीं मिलता। राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम, 2020 की धारा 3 के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन आधार पहचान संख्या ज़रूरी है। हर परिवार को 10 अंकों की परिवार पहचान संख्या (Family ID) और हर सदस्य को 11 अंकों की व्यक्तिगत पहचान संख्या मिलती है। धारा 7 के अनुसार परिवार की 10 अंकों की संख्या कभी नहीं बदलती, और इसे पहचान व पते के सबूत के रूप में भी माना जाता है।
इस पोस्ट में जन आधार बनवाने, ई-कार्ड डाउनलोड करने (और उसका पासवर्ड), जानकारी सुधारने, नया सदस्य जोड़ने, परिवार को अलग करने और सदस्य को दूसरे परिवार में ले जाने का पूरा तरीका दिया गया है। यह सब राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की 20 अगस्त 2026 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर आधारित है, साथ ही 1 जून 2026 से लागू संशोधन के नए नियम और शुल्क भी दिए गए हैं।
जन आधार योजना 18 दिसंबर 2019 को भामाशाह कार्ड की जगह शुरू हुई थी। इसका आधिकारिक पोर्टल janaadhaar.rajasthan.gov.in है, और ज़्यादातर काम आप खुद SSO राजस्थान से या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र से कर सकते हैं।

Jan Aadhaar Card: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कानून | राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम, 2020 |
| पहचान संख्या | परिवार: 10 अंक (कभी नहीं बदलती); हर सदस्य: 11 अंक |
| कौन बनवा सकता है | राजस्थान में पिछले 6 महीने से रह रहा, या अगले 6 महीने रहने का इरादा रखने वाला परिवार |
| मुखिया | परिवार द्वारा चुनी गई 18 वर्ष या उससे बड़ी महिला; ऐसी महिला न हो तो 21 वर्ष या उससे बड़ा पुरुष (जब तक कोई महिला पात्र न हो) |
| नया नामांकन | SSO से खुद या ई-मित्र से; कोई शुल्क नहीं |
| सत्यापन | दो स्तर, हर स्तर के लिए 10 दिन की समय-सीमा |
| ई-कार्ड | SSO, मोबाइल ऐप या ई-मित्र से OTP के बाद; पासवर्ड से सुरक्षित PDF |
| संशोधन के नए नियम | 1 जून 2026 से: तय सीमा और पहले मुफ्त सुधार के बाद शुल्क |
Jan Aadhaar Card क्यों ज़रूरी है
राजस्थान की ज़्यादातर नकद और गैर-नकद योजनाएँ अब जन आधार से जुड़ी हैं। राशन (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा), वृद्धावस्था-विधवा-दिव्यांग पेंशन, पालनहार, राज्य की छात्रवृत्तियाँ, सरकारी स्वास्थ्य बीमा और आवास योजनाओं में लाभार्थी की पहचान जन आधार से होती है, और पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है। कॉलेज के छात्रों के लिए Rajasthan Scholarship 2026-27 और अंबेडकर DBT वाउचर योजना जैसी योजनाओं में भी जन आधार अनिवार्य है।
जाति पर आधारित योजनाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र ज़रूरी है, और SOP के अनुसार इसे जन आधार में दर्ज जानकारी के आधार पर ई-मित्र पोर्टल से ही बनवाना होता है। प्रमाण पत्र जारी होते ही जाति और प्रमाण पत्र संख्या अपने आप (रिवर्स सीडिंग से) जन आधार में दर्ज हो जाती है, यानी आगे किसी फॉर्म में इसे बार-बार अपलोड नहीं करना पड़ता।
Jan Aadhaar Card के लिए ज़रूरी जानकारी और दस्तावेज़
- आधार: मुखिया और 5 वर्ष से बड़े सभी सदस्यों का आधार नंबर, जिससे ई-केवाईसी होती है। नाम, जन्म तिथि, लिंग और फोटो आधार से अपने आप आ जाते हैं।
- 5 वर्ष तक के बच्चे: जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य और पासपोर्ट साइज़ फोटो। बच्चे का जन्म राजस्थान से बाहर हुआ हो तो आधार नंबर भी ज़रूरी है, और जन्म प्रमाण पत्र की प्रति अपलोड करनी होती है।
- जन्म तिथि: आधार और जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि अलग हो तो जन्म प्रमाण पत्र वाली तिथि मानी जाती है।
- मोबाइल नंबर: मुखिया का मोबाइल नंबर अनिवार्य है, जो OTP से सत्यापित होता है। बाकी सदस्यों के नंबर भी जोड़े जा सकते हैं।
- बैंक खाता: मुखिया का IFSC वाला व्यक्तिगत बचत खाता ज़रूरी है; इसके लिए चेक, पासबुक या बैंक स्टेटमेंट की प्रति, जिसमें नाम, बैंक, खाता संख्या और IFSC साफ़ दिखें। खाते का सत्यापन NPCI से होता है।
- पते का दस्तावेज़: आधार, पासपोर्ट, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा जॉब कार्ड, BPL कार्ड, तीन महीने से पुराना न हो ऐसा बिजली/पानी/फोन का बिल, LPG डायरी, बैंक या डाकघर पासबुक, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से सत्यापित शपथपत्र या किरायानामा।
- आय: सिर्फ वयस्क सदस्यों की आय दर्ज करनी होती है, राजस्व विभाग के आय प्रमाण पत्र के प्रारूप या ITR से।
- जाति, शिक्षा और व्यवसाय: नए नामांकन में ये स्वघोषित होते हैं, इनके लिए कोई दस्तावेज़ नहीं लगता।
सारी जानकारी हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में दर्ज करनी होती है। ई-केवाईसी से नाम किसी दूसरी भारतीय भाषा (जैसे गुजराती या पंजाबी) में आए, या अंग्रेज़ी से हिंदी में गलत अनुवाद हो, तो उसी समय उसे सुधारा जा सकता है। अपलोड होने वाले दस्तावेज़ सिर्फ PDF में और 1 MB से छोटे हों, और फोटो JPG/JPEG/PNG में 50 KB से छोटी।
Jan Aadhaar Card कैसे बनवाएँ: खुद या ई-मित्र से
- खुद: मुखिया या कोई वयस्क सदस्य अपनी SSO ID से लॉगिन करके G2C सेवाओं में जन आधार ऐप के Family Enrollment विकल्प में आवेदन कर सकता है।
- ई-मित्र से: मुखिया या कोई वयस्क सदस्य नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जानकारी और दस्तावेज़ देकर नामांकन करा सकता है।
- हर सदस्य की ई-केवाईसी, संबंध, शिक्षा, व्यवसाय, आय और बैंक खाते की जानकारी भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और नामांकन संख्या संभालकर रखें।
- SOP के अनुसार नए जन आधार नामांकन के लिए कोई शुल्क नहीं है।
सत्यापन किसके पास और कितने दिन में
| क्षेत्र | पहला सत्यापन | दूसरा सत्यापन |
|---|---|---|
| ग्रामीण (ब्लॉक स्तर) | ग्राम विकास अधिकारी | ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी |
| शहरी (नगर निकाय) | नगरीय निकाय के आयुक्त / उपायुक्त / अधिशासी अधिकारी | उपखंड अधिकारी |
प्राधिकरण के परिपत्र-9 (9 जुलाई 2025) के अनुसार दोनों स्तरों के लिए 10-10 दिन की समय-सीमा है। दोनों सत्यापन पूरे होने के बाद ही 10 अंकों की परिवार संख्या और 11 अंकों की व्यक्तिगत संख्या जारी होती है।
Jan Aadhaar Card Download: ई-कार्ड और उसका पासवर्ड
- SSO, जन आधार मोबाइल ऐप या ई-मित्र में ई-कार्ड डाउनलोड का विकल्प चुनें।
- जन आधार संख्या डालें और मोबाइल पर आया OTP भरें।
- ई-कार्ड PDF में डाउनलोड हो जाएगा।
पासवर्ड: ई-कार्ड पासवर्ड से सुरक्षित होता है। पासवर्ड है मुखिया के नाम के पहले 4 अक्षर (अंग्रेज़ी के बड़े अक्षरों में) और उसके बाद जन्म का दिन व महीना। SOP के उदाहरण में मुखिया SANTOSH DEVI और जन्म तिथि 20.01.1970 है, तो पासवर्ड होगा SANT2001।
Jan Aadhaar Card में नया सदस्य कैसे जोड़ें
नया सदस्य सिर्फ इन चार कारणों से जुड़ता है, और हर कारण का अपना दस्तावेज़ है:
| कारण | दस्तावेज़ |
|---|---|
| जन्म | जन्म प्रमाण पत्र |
| गोद लेना | विधिमान्य गोदनामा |
| नाम जोड़ने से छूटा सदस्य | आधार कार्ड |
| विवाह | विवाह प्रमाण पत्र |
सदस्य SSO (Family Enrollment विकल्प, आधार प्रमाणीकरण के बाद) या ई-मित्र से जुड़ता है, और इसका कोई शुल्क नहीं है। नए सदस्य की आधार ई-केवाईसी होती है; 5 वर्ष से छोटे बच्चे के लिए राजस्थान के पहचान पोर्टल से बना जन्म प्रमाण पत्र चाहिए, और जन्म प्रमाण पत्र राजस्थान से बाहर का हो तो आधार ई-केवाईसी ज़रूरी है। आधार और जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्म तिथि और लिंग बिल्कुल एक जैसे हों।
नवजात अपने आप जुड़ता है: पहचान पोर्टल से जन्म प्रमाण पत्र बनवाते समय माँ का आधार नंबर और जन आधार सदस्य संख्या (Member ID) भर दी जाए, तो प्रमाण पत्र जारी होते ही बच्चा माँ के जन आधार परिवार में अपने आप जुड़ जाता है। असली नाम मिलने तक नाम “बेबी ऑफ (माँ का नाम)” रहता है; बाद में जन्म प्रमाण पत्र में नाम जुड़वाने पर जन आधार में भी अपने आप अपडेट हो जाता है, और फोटो Profile Editing से बदली जा सकती है।
परिवार अलग करना (Split Family)
एक जन आधार परिवार से अलग होकर नया परिवार इन कारणों से बन सकता है: विवाह (विवाह प्रमाण पत्र), तलाक/परित्यक्ता/विधवा (तलाक की न्यायालय डिक्री, परित्यक्ता का विधिमान्य दस्तावेज़ या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र), या अन्य कारण (स्पष्ट कारण वाला प्रार्थना पत्र, जिस पर सत्यापक की संतुष्टि ज़रूरी)।
- अनुमति: अलग होने वाला सदस्य नाबालिग हो तो मौजूदा मुखिया की अनुमति, और वयस्क हों तो नए परिवार में जाने वाले सभी वयस्कों की अनुमति (मोबाइल OTP या बायोमेट्रिक से)।
- अलग होने वालों या पुराने परिवार में से कम से कम एक सदस्य नए परिवार की मुखिया बनने की शर्तें पूरी करे, और अलग होने वाले सभी सदस्यों की ई-केवाईसी हो।
- पुराने परिवार में सिर्फ नाबालिग नहीं बचने चाहिए, और सिर्फ नाबालिगों को अलग करके नया परिवार नहीं बन सकता।
- मुखिया खुद अलग हो तो पुराने परिवार में नया मुखिया चुना जाता है और उसका बैंक खाता दर्ज करना होता है; खाता दर्ज न हो तो वह जन आधार निष्क्रिय हो जाता है और खाता जुड़ने पर फिर सक्रिय होता है।
- पोर्टल के Split Family विकल्प से नया परिवार बनता है। उसे नई परिवार ID मिलती है, पर सदस्यों की ID नहीं बदलती। अलग होने का संदेश मूल परिवार के मुखिया को जाता है, और सत्यापन ऊपर बताए दो स्तरों पर होता है।
सदस्य को दूसरे परिवार में ले जाना (Transfer)
मुखिया या सदस्य को दूसरे जन आधार परिवार में इन कारणों से ले जाया जा सकता है: गोद (गोदनामा, सिर्फ उसी परिवार में जहाँ गोद गया), विवाह (विवाह प्रमाण पत्र, सिर्फ उसी परिवार में जहाँ विवाह हुआ), तलाक/परित्यक्ता/विधवा/विधुर (डिक्री, विधिमान्य दस्तावेज़ या पति/पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र), या अन्य कारण (प्रार्थना पत्र)।
- नाबालिग का स्थानांतरण: दोनों परिवारों के मुखिया की अनुमति ज़रूरी।
- वयस्क का स्थानांतरण: पुराने परिवार के मुखिया की अनुमति नहीं चाहिए, सिर्फ जिस परिवार में जा रहे हैं उसके मुखिया की अनुमति।
- जाने वाले सदस्यों की ई-केवाईसी ज़रूरी है; पुराने परिवार में सिर्फ नाबालिग नहीं बचने चाहिए; और किसी नाबालिग को ऐसे परिवार में नहीं ले जाया जा सकता जिसमें सिर्फ नाबालिग हों।
- पोर्टल का विकल्प Transfer Member/HoF है, जहाँ नए परिवार के मुखिया से संबंध भी उसी स्क्रीन पर अपडेट होता है।
Jan Aadhaar Card Update और 1 जून 2026 से संशोधन शुल्क
नाम, शिक्षा, आय या बैंक खाते में बदलाव SSO (Citizen Apps में जन आधार) से या ई-मित्र से होता है, और इसका भी दो-स्तरीय सत्यापन होता है। एक बार सत्यापित आय सामान्यतः नहीं बदलती; टाइपिंग की गलती हो तो सिर्फ एक बार सुधार हो सकता है। बार-बार के अनावश्यक बदलाव रोकने के लिए राजस्थान जन आधार प्राधिकरण ने 1 जून 2026 से संशोधन की सीमा और शुल्क तय किए हैं (Udaipur Times और Zee News की रिपोर्टें):
| किस जानकारी में बदलाव | सीमा | शुल्क |
|---|---|---|
| व्यक्तिगत जानकारी (पिता, माता या पति/पत्नी का नाम, वैवाहिक स्थिति, अल्पसंख्यक श्रेणी) | अधिकतम 2 बार | पहला मुफ्त, दूसरा ₹15 |
| शिक्षा और आय | हर वित्तीय वर्ष में 2 बार | पहला मुफ्त, उसके बाद ₹25 |
| बैंक खाते का विवरण | — | पहला बदलाव मुफ्त, उसके बाद हर बार ₹40 |
| परिवार विभाजन, सदस्य स्थानांतरण, मुखिया बदलना | रिपोर्ट के अनुसार अधिकतम 5 बार | — |
नया नामांकन, सदस्य जोड़ना और ई-कार्ड डाउनलोड करना निःशुल्क है। ई-मित्र अपना सेवा शुल्क अलग से ले सकता है, इसलिए संशोधन से पहले केंद्र पर कुल राशि पूछ लें। मृत्यु होने पर, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाते समय जन आधार संख्या दे दी जाए तो नाम अपने आप हट सकता है; नहीं तो ई-मित्र से आवेदन करना होता है।
📊 विश्लेषण: Jan Aadhaar Card में सबसे ज़्यादा लाभ कहाँ अटकता है
योजनाओं और छात्रवृत्तियों के ज़्यादातर आवेदन किसी बड़ी कमी से नहीं, जन आधार की छोटी गड़बड़ियों से रुकते हैं। पहली वजह है आधार और जन आधार में नाम या जन्म तिथि का मेल न होना; SOP साफ़ कहती है कि आधार और जन्म प्रमाण पत्र में अंतर हो तो जन्म प्रमाण पत्र की तिथि मानी जाएगी, इसलिए दोनों दस्तावेज़ पहले से एक जैसे करा लें। दूसरी वजह बैंक खाता है: खाता NPCI से सत्यापित होने के बाद ही दर्ज होता है, और मुखिया का खाता न हो तो जन आधार निष्क्रिय तक हो सकता है। तीसरी वजह आय है: छात्रवृत्ति और कई योजनाओं में आय-सीमा जन आधार में दर्ज आय से जाँची जाती है, और एक बार सत्यापित आय आसानी से नहीं बदलती।
चौथी वजह समय है। नामांकन, सदस्य जोड़ने, विभाजन या स्थानांतरण, हर काम दो स्तर के सत्यापन से गुज़रता है और हर स्तर के लिए 10 दिन तक का समय है। यानी किसी योजना की अंतिम तिथि से एक-दो दिन पहले किया गया बदलाव अक्सर समय पर पूरा नहीं होता। 1 जून 2026 के नियमों के बाद गलतियों की कीमत भी बढ़ी है: व्यक्तिगत जानकारी में अब कुल दो ही सुधार हैं, और बैंक खाता पहली बार के बाद हर बार ₹40 में बदलेगा।
🎯 तैयारी: किसी भी फॉर्म या योजना से कम से कम 3 हफ्ते पहले ये जाँचें
- नाम और जन्म तिथि: हर सदस्य का नाम और जन्म तिथि आधार और जन्म प्रमाण पत्र से अक्षरशः मिलाएँ। अंतर हो तो पहले आधार ठीक कराएँ, फिर जन आधार की ई-केवाईसी दोबारा कराएँ।
- बैंक खाता: मुखिया का खाता IFSC वाला व्यक्तिगत बचत खाता हो, चालू हो और उसमें आधार सीडिंग हो। खाता बदलना है तो एक ही बार में सही खाता जोड़ें।
- आय और श्रेणी: आय-आधारित योजना के लिए सही आय दर्ज हो। जाति प्रमाण पत्र ई-मित्र पोर्टल से बनवाएँ, ताकि वह अपने आप जन आधार में जुड़ जाए।
- ई-केवाईसी: 5 वर्ष से बड़े हर सदस्य की ई-केवाईसी पूरी हो, वरना विभाजन, स्थानांतरण और कई योजनाओं में आवेदन रुकेगा।
- ई-कार्ड: नया ई-कार्ड डाउनलोड करके PDF मोबाइल में रखें; पासवर्ड (मुखिया के नाम के पहले 4 अक्षर + जन्म का दिन-महीना) भी लिख लें।
सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह ज़रूरी है: Rajasthan CET और RSSB के दूसरे फॉर्म SSO से भरे जाते हैं, और आरक्षण व मूल निवास के दस्तावेज़ जन आधार से जुड़े हों तो आवेदन आसान रहता है। अभी कौन-कौन से फॉर्म चालू हैं, यह Rajasthan Online Form 2026 सूची में देखें।
ज़रूरी लिंक
- आधिकारिक पोर्टल: janaadhaar.rajasthan.gov.in
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (आधिकारिक): जन आधार FAQ
- नामांकन, ई-कार्ड और सुधार: SSO राजस्थान
स्रोत: राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की मानक संचालन प्रक्रिया (क्रमांक एफ17(8)66/रा.ज.आ.प्रा./पीएमयू/2024-00227, दिनांक 20.08.2026), जन आधार पोर्टल के आधिकारिक FAQ, संशोधन शुल्क पर Udaipur Times (9 मई 2026) और Zee News की रिपोर्टें | अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
Jan Aadhaar Card कैसे बनवाएँ?
मुखिया या परिवार का कोई वयस्क सदस्य SSO ID से G2C सेवाओं में जन आधार ऐप के Family Enrollment विकल्प से, या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र से आवेदन कर सकता है। नए नामांकन का कोई शुल्क नहीं है। दो स्तर के सत्यापन (हर स्तर 10 दिन तक) के बाद 10 अंकों की परिवार संख्या और हर सदस्य की 11 अंकों की संख्या जारी होती है।
Jan Aadhaar Card Download कैसे करें?
SSO, जन आधार मोबाइल ऐप या ई-मित्र से जन आधार संख्या डालकर और मोबाइल पर आया OTP भरकर ई-कार्ड PDF में डाउनलोड करें। डाउनलोड निःशुल्क है।
जन आधार ई-कार्ड का पासवर्ड क्या है?
मुखिया के नाम के पहले 4 अक्षर (अंग्रेज़ी के बड़े अक्षरों में) और फिर जन्म का दिन व महीना। जैसे मुखिया SANTOSH DEVI और जन्म तिथि 20.01.1970 हो तो पासवर्ड SANT2001 होगा।
जन आधार में मुखिया कौन बनता है?
परिवार द्वारा चुनी गई 18 वर्ष या उससे बड़ी महिला सदस्य मुखिया बनती है। परिवार में ऐसी महिला न हो तो 21 वर्ष या उससे बड़ा पुरुष तब तक मुखिया रह सकता है जब तक कोई महिला पात्र न हो जाए।
जन आधार सुधार का शुल्क कितना है?
1 जून 2026 से व्यक्तिगत जानकारी (माता-पिता या पति/पत्नी का नाम, वैवाहिक स्थिति आदि) में अधिकतम 2 सुधार हैं: पहला मुफ्त, दूसरा ₹15। शिक्षा और आय हर वित्तीय वर्ष में 2 बार बदल सकते हैं (पहला मुफ्त, फिर ₹25), और बैंक खाता पहली बार के बाद हर बार ₹40 में बदलता है। ई-मित्र का सेवा शुल्क अलग हो सकता है।
जन आधार के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
मुखिया और 5 वर्ष से बड़े सभी सदस्यों का आधार (ई-केवाईसी के लिए), 5 वर्ष तक के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र और फोटो, मुखिया का मोबाइल नंबर, मुखिया के IFSC वाले बचत खाते का चेक/पासबुक/स्टेटमेंट, पते का कोई मान्य दस्तावेज़, और वयस्क सदस्यों की आय के लिए आय प्रमाण पत्र या ITR। जाति, शिक्षा और व्यवसाय स्वघोषित होते हैं।
नवजात बच्चे को जन आधार में कैसे जोड़ें?
पहचान पोर्टल से जन्म प्रमाण पत्र बनवाते समय माँ का आधार नंबर और जन आधार सदस्य संख्या भर दें; प्रमाण पत्र जारी होते ही बच्चा माँ के जन आधार परिवार में अपने आप जुड़ जाता है। नहीं तो SSO या ई-मित्र से जन्म प्रमाण पत्र देकर जोड़ें; सदस्य जोड़ना निःशुल्क है।
परिवार अलग करने पर जन आधार नंबर बदलता है क्या?
हाँ, Split Family से बने नए परिवार को नई परिवार ID मिलती है, पर सदस्यों की अपनी ID वही रहती है। अलग होने वाले सभी सदस्यों की ई-केवाईसी ज़रूरी है और पुराने परिवार में सिर्फ नाबालिग नहीं बचने चाहिए।