Rajasthan Tarbandi Yojana 2026 – 400 मीटर तक अनुदान, आवेदन खारिज होने से ऐसे बचें
अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
Rajasthan Tarbandi Yojana 2026 (खेतों की तारबंदी योजना) के तहत राजस्थान का कृषि विभाग नीलगाय और निराश्रित पशुओं से फसल बचाने के लिए खेत की तारबंदी पर अनुदान देता है। लघु और सीमांत किसानों को लागत का 60% या अधिकतम 48,000 रुपये, सामान्य किसानों को 50% या अधिकतम 40,000 रुपये, और कम से कम 10 किसानों के सामुदायिक आवेदन पर 70% या अधिकतम 56,000 रुपये तक का अनुदान मिलता है; हर किसान को अधिकतम 400 रनिंग मीटर तारबंदी पर अनुदान मिलेगा। आवेदन राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार से या नज़दीकी ई-मित्र से होता है, और योजना चालू वित्तीय वर्ष के लिए खुली है। राज्य बजट 2026-27 में 50,000 किसानों के लिए 20,000 किलोमीटर तारबंदी पर 228 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा हुई है। ध्यान दें: इंटरनेट पर इस योजना के नाम से 2022-23 के पुराने दिशा-निर्देश और ज़िलेवार लक्ष्य “2026” बताकर घूम रहे हैं; इस पोस्ट की सारी शर्तें कृषि विभाग के राज किसान पोर्टल के मौजूदा पेज (10 अक्टूबर 2026 को अद्यतन) से ली गई हैं।
Rajasthan Tarbandi Yojana 2026: अनुदान एक नज़र में
| श्रेणी | अनुदान | अधिकतम राशि |
|---|---|---|
| लघु एवं सीमांत किसान | लागत का 60% | 48,000 रुपये |
| सामान्य किसान | लागत का 50% | 40,000 रुपये |
| सामुदायिक आवेदन (10 या अधिक किसान, कम से कम 5 हेक्टेयर) | लागत का 70% (परिधि की तारबंदी पर, प्रो-रेटा आधार पर) | 56,000 रुपये |
| तारबंदी की सीमा | प्रति किसान अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक अनुदान | |
Rajasthan Tarbandi Yojana 2026 पात्रता: कितनी ज़मीन चाहिए
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| कौन आवेदन कर सकता है | सभी श्रेणी के किसान |
| व्यक्तिगत / कृषक समूह आवेदन | आवेदक के पास कम से कम 1.5 हेक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर |
| अनुसूचित जनजाति क्षेत्र | कम से कम 0.5 हेक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर |
| सामुदायिक आवेदन | 10 या अधिक किसानों का समूह, कम से कम 5 हेक्टेयर; समूह की भूमि की सीमाएँ निर्धारित परिधि में |
| लघु / सीमांत का प्रमाण | जनआधार में लघु/सीमांत श्रेणी की सीडिंग; न हो तो सक्षम स्तर से जारी प्रमाण पत्र |
| वैधता | चालू वित्तीय वर्ष |
लघु और सीमांत किसान का अनुदान (60%) केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके जनआधार में इस श्रेणी की सीडिंग हो चुकी है। अगर जनआधार में यह सुविधा नहीं है, तो आवेदन के समय सक्षम स्तर से जारी लघु/सीमांत कृषक प्रमाण पत्र लगाना होगा; वरना आवेदन सामान्य श्रेणी (50%) में चला जाएगा। “एक ही स्थान पर” की शर्त भी अहम है: अलग-अलग खसरों में बिखरी ज़मीन को जोड़कर 1.5 हेक्टेयर नहीं माना जाता।
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- आधार कार्ड
- जनआधार कार्ड
- जमाबंदी की नकल (छह महीने से ज़्यादा पुरानी नहीं)
- बैंक खाते का विवरण
- लघु/सीमांत कृषक प्रमाण पत्र (यदि जनआधार में सीडिंग नहीं है)
📊 विश्लेषण: Rajasthan Tarbandi Yojana 2026 में आपको असल में कितना अनुदान मिलेगा
तीनों श्रेणियों की अधिकतम राशि एक ही बिंदु पर पूरी होती है। 48,000 रुपये लागत का 60% तब होता है जब लागत 80,000 रुपये हो; 40,000 रुपये लागत का 50% भी 80,000 रुपये पर; और 56,000 रुपये लागत का 70% भी 80,000 रुपये पर बनता है। यानी अगर आपकी 400 मीटर तारबंदी की कुल लागत 80,000 रुपये (200 रुपये प्रति मीटर) या उससे ज़्यादा है, तो आपको अपनी श्रेणी की पूरी अधिकतम राशि मिलेगी और बाकी खर्च खुद उठाना होगा। अगर लागत इससे कम है, तो अनुदान प्रतिशत के हिसाब से बनेगा। उदाहरण के लिए 60,000 रुपये की लागत पर लघु/सीमांत किसान को 36,000, सामान्य किसान को 30,000 और सामुदायिक आवेदन में 42,000 रुपये मिलेंगे।
दूसरी बात 400 मीटर की सीमा की है। मान लीजिए आपका 1.5 हेक्टेयर (15,000 वर्ग मीटर) का खेत वर्गाकार है, तो उसकी हर भुजा लगभग 122 मीटर और पूरी परिधि लगभग 490 मीटर होगी। यानी न्यूनतम पात्र ज़मीन पर भी लगभग 90 मीटर तारबंदी अनुदान की सीमा से बाहर रहेगी। आयताकार या लंबे खेत की परिधि और ज़्यादा होती है। इसके उलट अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 0.5 हेक्टेयर वर्गाकार खेत की परिधि लगभग 283 मीटर है, जो पूरी तरह 400 मीटर की सीमा के अंदर आती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने खेत की परिधि नाप लें और तय करें कि अनुदान से बाहर रहने वाले हिस्से का खर्च कैसे उठाएँगे।
तीसरी बात आवेदन के खारिज होने की दर है। भरतपुर ज़िले में 2025-26 में 1,205 आवेदन आए, जिनमें से 785 स्वीकृत और 413 अस्वीकृत हुए, यानी लगभग हर तीन में से एक आवेदन खारिज हो गया। संयुक्त निदेशक कृषि के अनुसार अस्वीकृति के मुख्य कारण भूमि की शर्तें पूरी न होना, दस्तावेज़ों की कमी और तकनीकी त्रुटियाँ थे। उसी ज़िले का 2025-26 का लक्ष्य 2.50 लाख रनिंग मीटर था, जिसमें से अप्रैल 2026 तक 1,45,154 मीटर काम पूरा हुआ था और कुछ भुगतान बजट मिलने पर प्राथमिकता से करने की बात कही गई थी।
चौथी बात बजट की है। राज्य बजट 2026-27 (11 फरवरी 2026) में 50,000 किसानों को 20,000 किलोमीटर तारबंदी के लिए 228 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा हुई। यह हिसाब योजना की शर्तों से मेल खाता है: 50,000 किसान × 400 मीटर = 20,000 किलोमीटर, और प्रति किसान औसत अनुदान लगभग 45,600 रुपये। बजट में सामुदायिक तारबंदी के लिए न्यूनतम किसानों की संख्या 10 से घटाकर 7 करने का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन राज किसान पोर्टल पर अभी (10 अक्टूबर 2026) भी 10 या अधिक किसानों की शर्त ही लिखी है। इसलिए 7 से 9 किसानों का समूह आवेदन से पहले अपने कृषि पर्यवेक्षक से नई शर्त की पुष्टि ज़रूर कर ले।
🎯 Rajasthan Tarbandi Yojana 2026: आवेदन खारिज होने से कैसे बचें
सबसे पहले जमाबंदी की तारीख देखें। पोर्टल पर साफ लिखा है कि जमाबंदी की नकल छह महीने से ज़्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए; पुरानी नकल लगाना अस्वीकृति का सबसे आम कारण है। इसके बाद जनआधार में अपनी लघु/सीमांत श्रेणी की सीडिंग जाँच लें, क्योंकि इसके बिना आपको 60% की जगह 50% अनुदान मिलेगा। जमाबंदी में ज़मीन का रकबा और खसरा “एक ही स्थान पर” वाली शर्त पूरी करता हो, यह भी पहले से पक्का कर लें।
दूसरा नियम है: स्वीकृति से पहले तारबंदी शुरू न करें। आवेदन के बाद कृषि विभाग प्रशासनिक स्वीकृति जारी करता है, जिसकी सूचना मोबाइल संदेश या कृषि पर्यवेक्षक के ज़रिए मिलती है। विभाग तारबंदी से पहले और काम पूरा होने के बाद मौके का सत्यापन और जियो-टैगिंग करता है, और उसके बाद ही अनुदान सीधे खाते में आता है। जो किसान स्वीकृति से पहले ही तारबंदी करवा लेते हैं, उनके पास “पहले” की जियो-टैग तस्वीर नहीं होती, और अनुदान अटक सकता है।
तीसरा, अगर आपके पास 1.5 हेक्टेयर से कम ज़मीन है, तो पड़ोसी किसानों के साथ सामुदायिक आवेदन पर विचार करें। इसमें अनुदान 70% है और समूह की कुल भूमि 5 हेक्टेयर होनी चाहिए, यानी छोटे किसान भी मिलकर पात्र हो सकते हैं। समूह की ज़मीन एक परिधि में होनी चाहिए, इसलिए आपस में सटे खेतों वाले किसान ही समूह बनाएँ। अंत में, आवेदन की रसीद और आवेदन संख्या संभालकर रखें; स्थिति इसी से राज किसान साथी पोर्टल पर देखी जाती है।
Rajasthan Tarbandi Yojana 2026: आवेदन कैसे करें
किसान राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार से खुद आवेदन कर सकता है, या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन करवा सकता है। सीधे आवेदन के लिए नीचे दिए “खेतों की तारबंदी” लिंक पर जाकर SSO/जनआधार से लॉगिन करें, जनआधार से विवरण भरें, जमाबंदी, बैंक खाते और (ज़रूरत हो तो) लघु/सीमांत प्रमाण पत्र अपलोड करें और आवेदन जमा करें। आवेदन की प्राप्ति रसीद ऑनलाइन ही मिलती है। इसके बाद विभाग प्रशासनिक स्वीकृति देगा, स्वीकृति मिलने पर तारबंदी करवाएँ, और काम पूरा होने पर सत्यापन व जियो-टैगिंग के बाद अनुदान सीधे खाते में आएगा। किसी समस्या के लिए राज किसान साथी सहायता केंद्र (0141-2927047 या 0141-2922613) पर संपर्क करें।
Rajasthan Tarbandi Yojana 2026: ज़रूरी लिंक
- ऑनलाइन आवेदन (सीधा लिंक): खेतों की तारबंदी – राज किसान साथी आवेदन पेज
- आधिकारिक वेबसाइट: राज किसान साथी पोर्टल (rajkisan.rajasthan.gov.in)
- कृषि विभाग: agriculture.rajasthan.gov.in
- जनआधार: janaadhaar.rajasthan.gov.in
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Rajasthan Tarbandi Yojana 2026 में कितना अनुदान मिलता है?
लघु व सीमांत किसानों को लागत का 60% या अधिकतम 48,000 रुपये, सामान्य किसानों को 50% या अधिकतम 40,000 रुपये, और सामुदायिक आवेदन में 70% या अधिकतम 56,000 रुपये। अनुदान प्रति किसान 400 रनिंग मीटर तक मिलता है।
तारबंदी योजना के लिए कितनी ज़मीन होनी चाहिए?
व्यक्तिगत आवेदन के लिए एक ही स्थान पर कम से कम 1.5 हेक्टेयर ज़मीन चाहिए। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में 0.5 हेक्टेयर, और सामुदायिक आवेदन में 10 या अधिक किसानों की कुल 5 हेक्टेयर ज़मीन चाहिए।
आवेदन कहाँ और कैसे करें?
राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार से खुद आवेदन करें या नज़दीकी ई-मित्र पर जाएँ। आधार, जनआधार, छह महीने के अंदर की जमाबंदी और बैंक खाते का विवरण चाहिए।
क्या आवेदन के बाद तुरंत तारबंदी शुरू कर सकते हैं?
नहीं। पहले कृषि विभाग की प्रशासनिक स्वीकृति का इंतज़ार करें। विभाग तारबंदी से पहले और बाद में मौके का सत्यापन और जियो-टैगिंग करता है, उसके बाद ही अनुदान खाते में आता है।
इस साल कितने किसानों को तारबंदी अनुदान मिलेगा?
राज्य बजट 2026-27 में 50,000 किसानों के लिए 20,000 किलोमीटर तारबंदी पर 228 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की गई है।